नवरात्री के पांचवें दिन किस माँ की पूजा होती है और क्यों ?

नवरात्रि का 5वां दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप देवी स्कंदमाता को समर्पित है।

उन्हें पद्मासन के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्हें कमल के फूल पर बैठा हुआ दिखाया गया है।

उनकी चार भुजाएं और तीन आंखें हैं। वह अपनी गोद में अपने पुत्र भगवान कार्तिकेय को रखती हैं, जिन्हें स्कंद के नाम से भी जाना जाता है।

स्कंदमाता को बुद्धि और ज्ञान की माता कहा जाता है।

वह अपनी करुणा और दयालुता के लिए भी जानी जाती हैं। भक्त ज्ञान, बुद्धि, शक्ति और समृद्धि के आशीर्वाद के लिए उनकी पूजा करते हैं।

नवरात्रि के 5वें दिन से जुड़ा रंग पीला है। यह रंग ज्ञान, बुद्धि और तेज का प्रतिनिधित्व करता है।

नवरात्रि के 5वें दिन, भक्त देवी स्कंदमाता को पीले फूल और फल चढ़ाते हैं।

यहाँ देवी स्कंदमाता का एक लोकप्रिय मंत्र है: ॐ स्कंदमाता देवि नमः

देवी स्कंदमाता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि यह बहुत शक्तिशाली और प्रभावशाली है।

यदि आप नवरात्रि मना रहे हैं, तो मैं आपको नवरात्रि के 5वें दिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ!